Rich Dad Poor Dad Summary in Hindi | रिच डैड पुअर डैड | Robert T Kiyosaki

Rich Dad Poor Dad Summary in Hindi

(रिच डैड पुअर डैड)

हैल्लो दोस्तों ,

अगर आपको जानना है ऐसी क्या चीज है जो गरीब और अमीर के बिच अंतर पैदा करती है तो आप सही जगह पर है | आज की इस रोचक पोस्ट रिच डैड पुअर डैड में मैं लेकर आया हूँ एक बहुत ही चर्चित किताब की Short Summary  जिसको मैंने बहुत ही आसान हिंदी भाषा में समझाने की कोशिश की है | किताब का नाम है Rich Dad Poor Dad ( रिच डैड पुअर डैड ) जिसके लेखक Robert T Kiyosaki (रोबर्ट टी कियोसाकि) है। ये किताब वित्तीय ज्ञान यानी Financial Knowledge पर आधारित है। यह बहुत ही मजेदार किताब है जिसे सभी को पढ़ना चाहिए |

इस किताब के बारे में आपने जरूर सुना होगा और अगर नहीं सुना हो तो मैं यहाँ आपको बता देता हूँ की इस किताब (Rich Dad Poor Dad) की अभी तक 46+ मिलियन कॉपी बिक चुकी है जो की कुल मिलाकर 109 अलग-अलग देशो में और  पुरे 51 अलग-अलग भाषाओ में अनुवाद किया जा चूका है।




इस किताब की खास बात ये है की यह आपको पैसो का ज्ञान सिखाती है। और यह पैसो का ज्ञान ( Money KnowledgeFinance Knowledge, Financial IQ)  सभी के पास नहीं होता है।

 

इसी ज्ञान की कमी के कारण गरीब व्यक्ति गरीब बना रहता है और मध्यम वर्गीय व्यक्ति, पैसा होने के बावजूद भी हमेशा मध्यम वर्गीय ही बना रहता है और यह Financial Knowledge (वित्तीय ज्ञान) जिन लोगो के पास होता है वो लोग उस ज्ञान का प्रयोग करके अमीर बन जाते है

यह बुक (Rich Dad Poor Dad by Robert T Kiyosaki ) मेरी सबसे पसंदिता किताबो में से एक है, जिसे मैंने पूरा पढ़ा है |

 

मैं तो कहता हूँ की इस किताब को हम सभी को पढ़ना चाहिए। अब आप कहेंगे की ऐसा क्या है इस किताब में जो हमें पढ़ना चाहिए

तो मैं आपको बता दू की इस किताब में पैसो को लेकर बहुत ही उम्दा बात लिखी है।

अगर कम शब्दों में कहु तो यह किताब बहुत ही आसान शब्दों में वित्तीय साक्षरता (Financial Literacy) और कैश फ्लो (Cash Flow) को समझाती है।

 

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यह किताब “Rich Dad Poor Dad”  जिसमे लेखक ने अपने जीवन के अनुभवों को बहुत ही आसान शब्दों में बताया है और उन्ही अनुभवों के आधार पर आज Robert Kiyosaki अमेरिका की जानी मानी अमीर हस्ती है।

उनकी नेटवर्थ 80 Million American Dollar यानी 600 करोड़ Indian Rs है।

तो चलिए जल्दी से शुरू करते है :-

Rich Dad Poor Dad Summary In Hindi
Rich Dad Poor Dad Summary In Hindi

Rich Dad Poor Book Dad Summary In Hindi

इस किताब मैं रोबर्ट अपने Rich Dad और Poor Dad के बारे में बताता है , अभी आप कुछ गलत मत समझियेगा की एक बच्चे के दो पिता कैसे हो सकते है , असल में रोबर्ट अपने खुद के पिता को Poor Dad कहता है वही अपने दोस्त माइक के पिता को Rich Dad कहता है।  माइक के पिता (Rich Dad) ही रोबर्ट के असली उस्ताद या यूँ कहे की असली प्रेरणा देने वाले थे। जो सिखाते है की अमीर कैसे बना जाता है ?

बात तब की है जब रोबर्ट (Robert T Kiyosaki) छोटे थे और उनके एक अच्छे दोस्त थे जिनका नाम था माइक।  स्कूल में उनके कुछ क्लास मैट्स एक पार्टी का आयोजन कर रहे थे लेकिन उस पार्टी में रोबर्ट और माइक को यह कहकर आमंत्रित नहीं किया गया की वो दोनों गरीब है। इस बात का रोबर्ट के बाल मस्तिष्क पर गहरा आघात पड़ता है। वो ठान लेता है की मैं भी एक दिन बहुत अमीर आदमी बनूँगा।

दुखी मन के साथ रोबर्ट अपने पापा के पास जाते है, साथ में दोस्त माइक भी होता है। रोबर्ट अपने पापा से पूछते है की अमीर कैसे बना जाता है।  रोबर्ट के पिता बहुत ही मेहनती होते है और पीएचडी किये हुए एक विश्वविद्यालय में प्रोफेसर के पद पर होते है।

रोबर्ट के पापा रोबर्ट से पूछते है की तुम ऐसा क्यों पूछ रहे हो की अमीर कैसे बना जाता है ?

तब रोबर्ट अपने स्कूल का सारा वाक्या अपने पापा को बता देते है।  यह सुन रोबर्ट के पिता सबसे पहले मुस्कुराते है फिर जवाब देते है की

” सुनो बेटा ! मैं तो एक शिक्षक हूँ और एक शिक्षक का अमीर होने या ना होने एवं एक शिक्षक के पास ज्यादा पैसा होने या ना होने से कोई लेना देना नहीं हैं।

इस बात को रोबर्ट और माइक ध्यान पूर्वक सुन रहे थे , क्योकि अमीर दोनों को बनना था।

रोबर्ट के पिता फिर कहते है की  “अगर तुम वाकई में ये जानना चाहते हो की सचमुच अमीर कैसे बना जाता है तो इसका जवाब मैं नहीं माइक के पिता अच्छे से बता सकते है। ”

रोबर्ट और माइक दोनों आश्चर्यचकित हो जाते है . क्योकि माइक के पिता ज्यादा पढ़े लिखे नहीं थे,  लेकिन एक शुगर मिल के मालिक थे।

यहाँ से शुरू होती है रोबर्ट के अमीर बनाने की कहानी




यहाँ में रिच डैड पुअर डैड की किताब को पूरा नहीं बताऊंगा बल्कि इस किताब का निष्कर्ष आसान हिंदी भाषा में और कुछ पॉइंट्स में बताऊंगा

 

Who is Robert T Kiyosaki ?

रोबर्ट कियोसाकि अमेरिका स्थित एक Businessman है , Book Author है और कंपनी Rich Global LLC & Rich Credit Company के मालिक है | एक ऐसी कंपनी जो दूसरे लोगो को किताबो और videos  के द्वारा Business Knowledge और Financial Knowledge (वित्तीय ज्ञान ) सिखाते है |  इसके अलावा Cash Flow नाम का एक बोर्ड गेम है जो बच्चो और बड़ो को Money Manangement सिखाता है इस गेम के फाउंडर भी है |

इन्होने अभी तक 26 से ज्यादा बुक को लिखा है जिनमे से रिच डैड पुअर डैड एक बेस्ट सेल्लिंग बुक है |

 

Summary of Rich Dad Poor Dad in Hindi

यहाँ मैं बताऊंगा की रोबर्ट के असली पिता (Poor Dad) अच्छे खासे पढ़े लिखे है , उन्होंने अपना ग्रेजुएशन , पोस्ट ग्रेजुएशन और पीएचडी तक कम्पलीट किया हुआ है। मतलब की रोबर्ट के पुअर डैड Highly Educated & Intelligent व्यक्ति है, जिन्होंने शिकागो के स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से पीएचडी किया हुआ है और एक कॉलेज में प्रोफेशर के पद पर है लेकिन फिर भी पैसो के मामले में थोड़े कमजोर है

 

वंही उसके विपरीत रोबर्ट के Rich Dad (यानि माइक के पिता ) केवल 8 वी पास है किन्तु हवाई राज्य के सबसे अमीर इंसानो में शुमार है।

 

अच्छे खासे पढ़े लिखे होने के बावजूद रोबर्ट के पिता ऐसे गरीब क्यों है क्योकि उनके पास वित्तीय समझ (Financial Knowledge ) थोड़ी कम है , वंही माइक के पिता केवल 8 वी पास थे पर उनके पास यह ज्ञान  (Financial IQ, Money Management & Investment Knowledge) अच्छा है जिसकी वजह से वो बहुत अमीर इंसान थे।

 

इसका मतलब है की अच्छा पढ़ा लिखा होना इस बात की गारंटी नहीं देता है की आप जीवन में भी अच्छे सफल और अमीर बनोगे ।

 

Difference between Assets & Liabilities ( एसेट्स और लाएबिलिटी के बिच अंतर )

इस किताब Rich Dad Poor Dad में Assets (एसेट्स) और Liabilities (लायबिलिटीज) के बारे में बहुत अच्छे से बताया गया है।

अगर Assets (पूंजी या संपत्ति) और Liability (देयधन, देनदारी) की परिभाषा पड़ेंगे  कंफ्यूज हो जायेंगे। इनको कॉमर्स की भाषा में न समझते हुए बहुत ही आसान शब्दों में समझते है ✅ ⬇️⬇️⬇️

Difference between ASSETS and LIABILITIES :-

  • Assets :-

बहुत ही आसान शब्दों में कहु तो Assets वो चीज़ है जो बाहर से आपकी जेब में पैसा डालता है। 👌😀

  • Liabilities :-

Liability वो चीज़ है जो आपकी जेब में रखा पैसा बाहर निकालता है।  👎 😭

गरीब और मध्यम वर्गीय लोग इस छोटे से अंतर को समझ नहीं पाते है। या फिर कई बार वो लोग Liability को अपनी Assets समझ बैठते है। जैसे एक मध्यम वर्गीय व्यक्ति अपने घर को Assets समझता है किंतु यह घर कभी पैसा कमा कर नहीं देगा और वही Middle Class Person अपने Four व्हीलर कार को अपनी Assets समझता है किन्तु वो कार या बाइक / गाडी उसे पैसे कमाकर थोड़े न दे रही ( अगर इसी घर और कार को अगर भाड़े पर लगाया जाये तो यह Assets बन जाता है )

यहाँ लेखक रोबर्ट कियोसाकि ने अपनी बुक (Rich Dad Poor Dad )  में बहुत अच्छे से समझाया है।  रोबर्ट ने अपनी बुक में Money के Cashflow को समझाया है और इस CashFlow को तीन भागो में बांटा है।

  • एक गरीब व्यक्ति के पास जैसे ही पैसा आता है तो वो उसे अपने दैनिक खाने पिने में खर्च कर देता है। उसका Cash Flow दूसरे लोगो से अलग होता है।  उसके कॅश फ्लो में एसेट्स और लायबिलिटीज कॉलम में कुछ भी नहीं बचता है।  वह रोज कमाता है और रोज खाता है। एक गरीब व्यक्ति में Financial Knowledge लगभग शून्य होता है। गरीब व्यक्ति के पास ना तो Assets होता है और ना ही Liabilities

ASSETS  = 0 

LIABILITIES   = 0 

निचे दी गई Image में अच्छे से समझे :-

 

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Rich Dad Poor Dad Summary In Hindi

 

  • जब एक मध्यम वर्गीय के पास पैसा आता नहीं है की इनकम टैक्स कट जाता है।  फिर जो पैसा आता है उससे वो सबसे पहले अपनी जरुरी चीज़ो में खर्चा करता है जैसे खाने-पिने, कपडे खरीदने में, एंटरटेनमेंट में  फिर उसके बाद बचा पैसा Liability कॉलम में चला जाता है जैसे  अपने लिए महंगे गैजेट्स , महंगे फ़ोन या फिर बाइक खरीद लेता है।  जबकि उसे ये बात पता है की वह महंगा फ़ोन 1 या 1.5 साल बाद ख़राब जायेगा।  खरीदी गई महँगी बाइक एक हफ्ते में चार बार पेट्रोल मांगेगी। तो ये ऐसी वस्तुए है जो पैसा जेब से बाहर निकालेगी ना की पैसा बचाएगी।  ये Liability है।

जब इन मध्यम वर्गीय लोगो का मासिक वेतन बढ़ता है तो इनके खर्चे बढ़ जाते है जैसे छोटे घर से बड़ा घर  या बाइक के बाद महँगी laxury कार जिसे पाने के लिए ये लोग बड़े बड़े होम लोन या कार लोन तक ले लेते है जिसकी EMI यानी मासिक किश्ते चुकाते चुकाते जीवन बीत जाता है। जैसे ही मासिक वेतन आता है तो EMI कट जाती है जबकि असल में देखा जाय तो बड़े घर और बड़ी कार लेने की जरुरत ही नहीं थी।

तो मध्यम वर्गीय लोगो के Cash Flow में Liabilities ज्यादा होती है , Assets कम होते है या ना के बराबर होता है।

ASSETS    LIABILITIES 

मध्यम वर्गीय लोगो का Cash Flow निचे दी गई Image में अच्छे से समझे

Rich Dad Poor Dad Summary In Hindi
Rich Dad Poor Dad Summary In Hindi

Rich Dad Poor Dad

अब आप कहेंगे की तो क्या बड़े घर या महँगी गाड़िया खरीदना कोई गलत बात है क्या।  बिलकुल गलत बात नहीं है।  इस बात को समझने के लिए अमीर लोगो का Cash Flow समझना पड़ेगा।

  • अमीर लोग अपनी कमाई को बहुत ही अच्छे से एवं सोच समझ कर खर्च करते है।  वे लोग अपने कमाए पैसो को स्टॉक्स में लगाते है , म्यूच्यूअल फंड्स में लगाते है , गवर्नमेंट शेयर्स & बांड्स में लगाते है , किसी उभरती हुई कंपनी में इन्वेस्ट कर देते है , किसी बड़ी कंपनी के शेयर खरीद लेते है , या फिर Real Estate (जमीन जायदात ) के बिज़नेस में अपना पैसा लगते है  जैसे कोई छोटी-बड़ी जमीन खरीद ली हो।

ये सभी तरीके ऐसे ही जिससे कुछ समय अंतराल के बाद पैसा वापस आना ही है।  एक बार  में लगता है की अमीर लोगो ने अपना पैसा खर्च कर दिया लेकिन इसे खर्च करना नहीं इन्वेस्ट करना कहते है। क्योकि आज जो जमीन का टुकड़ा आपने ख़रीदा है वो 2 या 3 साल बाद डेढ़ से दोगुना हो जायेगा।

तो अमीर लोग ऐसी जगह खर्च करते है जहाँ से अच्छा खासा Return पैसा वापस आना निश्चित है।  फिर उस Return  पैसो से ये अपने शौक पुरे करते है। इनके Cash Flow में Liabilities के अनुपात में  Assets ज्यादा होता है।

ASSETS    LIABILITIES 

अमीर लोगो का Cash Flow देखे।

Rich Dad Poor Dad Summary In Hindi
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तो अगर आप अमीर बनना चाहते है तो अपने Assets कॉलम को बढ़ाये ⬆️ और Liability कॉलम को घटाते रहे  ⬇️

 

ये प्रेरणादायक कहानी जरूर पढ़े:-

 

कुछ पॉइंट्स के जरिये और अच्छे से समझते है।

Some Important Points about Rich Dad and Poor Dad :-

  •  रोबर्ट के Poor Dad का मानना है बच्चे अपनी पढाई लिखाई अच्छे से पूरी करे और अच्छे ग्रेड या अच्छे अंक लाकर एक अच्छी नौकरी करे यानी पुअर डैड Job Seeking को ज्यादा महत्त्व देते है वही जबकि रोबर्ट के Rich Dad का मानना है की बच्चे अपनी पढाई पूरी करके एक व्यवसायी (entrepreneur) बने और दूसरे लोगो को नौकरी दे यानी बच्चे Job Creator बने ना की Job Seeker.

 

  • Poor Dad  का मानना है की पैसो का लालच सभी बुराइयों की जड़ है ( Love for Money is The Root of all Evils) जबकि Rich Dad का मानना है की पैसो की कमी होना सारी समस्याओ की जड़ है ( Lack Of Money is The Root of all Evils) .

 

  • Poor Dad का मानना है की किसी ऐसी महँगी चीज़ के बारे मत सोचो जिसे खरीद पाना तुम्हारे बस में ना हो वंही उसके उलट Rich Dad का मानना था की अगर तुम्हे कोई महँगी चीज चाहिए तो सोचो की ऐसा क्या करे और कैसे इतना पैसा कमाए की वो महँगी चीज़ खरीद पाए इससे तुम्हारा दिमाग काम करने लग जाएगा।

 

  • Poor Dad (गरीब और मध्यम वर्गीय लोग ) कभी पैसो के मामले में Risk नहीं लेते है वंही उसके विपरीत Rich Dad (अमीर लोग ) करते है , ये लोग Calculated Risk  लेने के favour में होते है और उस Calculated Risk को अच्छे से Manage करते है।

 

  • Poor Dad (गरीब लोग और मध्यम वर्गीय लोग) पैसो के लिए काम करते है ( Poor People Work For Money )  जबकि Rich Dad (अमीर लोगो) के लिए पैसा काम करता है। ( Rich People Make Money Work for Them )

 

  • Poor Dad अपने बच्चे से कहते है की मैं अमीर नहीं बन सकता हूँ क्योकि मुझपर तुम्हारी जिम्मेदारी है  लेकिन Rich Dad अपने बच्चे से कहते है की मुझे अमीर बनना है क्योकि तुम और तुम्हारा भविष्य मेरी जिम्मेदारी है |

 

  • Rich Dad अपने खाने की टेबल पर (खाना कहते समय) पैसा कैसे कमाए और ज्यादा पैसा कैसे बनाये के बारे में बात करते है लेकिन Poor Dad खाने की टेबल पर पैसे से संभंधित बात करना पसंद नहीं करते है |

 

  • अमीर लोग पैसो का आविष्कार करते है Rich People Invent Money . निचे दी गई फोटो से जाने

 

Rich Dad Poor Dad Summary In Hindi
Rich Dad Poor Dad Summary In Hindi

 

 

हम में से बहुत से लोग मध्यम वर्गीय परिवार से आते है और मध्यम वर्गीय परिवार में माता-पिता अपने बच्चो को ये ही सिखाने पर जोर देते है की अच्छे से – खूब मेहनत से अपनी पढाई पूरी करो, अच्छे अंको से पास हो जाओ  ताकि तुम्हे अच्छा कॉलेज मिले और फिर कॉलेज पूरा करके अच्छी जॉब पकड़ो।  बस हो गई लाइफ सेट।




सच बात तो यह है की स्कूल कॉलेजेस में हमें वो ज्ञान दिया जा रहा है जो लगभग किसी काम का नहीं।  ये नहीं बताया जाता है की ज्यादा पैसा कैसे कमाए और अमीर कैसे बने बल्कि ज्यादा से ज्यादा theoritical Knowledge और Professional  Knowledge  को पढ़ाते है , यानी स्कूल और कॉलेज में  Professional Skills को पढ़ाया जाता है जबकि वित्तीय साक्षरता (Financial  Literacy), वित्तीय ज्ञान (Financial Knowledge) और अमीर कैसे बने के बारे में कोई बात तक नहीं करते है |

 

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पढ़ने में हमारे जीवन का बहुत बड़ा हिस्सा लगाते है जैसे 12 साल स्कूल में फिर 3 से 4 साल कॉलेज में और अगर पोस्ट ग्रेजुएशन की है तो 2 साल अलग से यानी कुल मिलाकर 18 साल लग जाते है पढ़ाई करते करते, लेकिन उसके बाद आखिर में मिलता क्या है ? एक ढंकी जॉब तक नसीब नहीं होती।  तो ऐसी शिक्षा किस काम की।

स्कूल और कॉलेज की पढाई में हमें ये पढ़ाया जाता है की कैसे अच्छे कर्मचारी (Employee) बने, ये नहीं पढ़ाया जाता है की कैसे अच्छे मालिक (Entrepreneur or Employer) बने।

अगर एक इंसान की पढ़ने के बाद अच्छी जॉब भी लग जाती है तो वो सोचते है की अभी जीवन व्यवस्थित हो चूका है  लेकिन वास्तविकता में ऐसा है नहीं

असल में वो एक चूहा दौड़ (Rat Race) में शामिल हो जाता है जिसमे रोज सवेरे उठाना है, तैयार होना है, ऑफिस जाना है, फिर वंहा बिना थके काम करना है जो आपका काम हे ही नहीं और फिर शाम को घर लौटकर खाना खा कर सो जाना है , अगले दिन फिर से वही पैटर्न  दोहराना है। ऐसी लाइफ के लिए हमने इतनी पढाई की थी क्या ?

 

लोगो के अंदर डर और लालच बना रहता है

डर के कारण वो जॉब नहीं छोड़ सकते है और

लालच के कारण वो ज्यादा मेहनत करते है।

अगर नौकरशाह को ठीक से समझे तो पाएंगे की

काम करने वाला कर्मचारी इसलिए कड़ी मेहनत करते है ताकि उन्हें नौकरी से ना निकाल दिया जाय और मालिक उन्हें केवल उतना देते है की काम करने वाले छोड़कर ना चले जाय 

अगर एक कर्मचारी (Employee) को महँगी चीज खरीदना है तो वह अपनी तनख्वाह बढ़ने का इंतज़ार करता है , लेकिन जब तक तनख्वाह बढ़ती है साथ साथ में महंगाई भी बाद जाती है।  महंगाई बढ़ते ही डॉक्टर अपनी फीस बड़ा लेता है डॉक्टर के फीस बढ़ा लेने से स्वास्थ्य सेवाए  महँगी और महँगी होती जाती है।  इसका असर हर नौकरी और प्रोफेशन पर पड़ता है , वकील अपनी भी फीस बड़ा लेता है और शिक्षक समुदाय अपनी तनख्वाह बढ़ाने के लिए सरकार के खिलाफ प्रोटेस्ट करते है  और अंततः सरकार तनख्वाह बड़ा देती है लेकिन  उसी के साथ Income Tax भी बड़ा देते है।

तो एक कर्मचारी ज्यादा मेहनत से काम करता है ताकि वो ज्यादा Tax चूका सके।

इसीलिए गरीब लोग और मध्यम वर्गीय लोग इस चूहा रेस में फस जाते है लेकिन अमीर लोग ज्यादा पैसा कमाते है लेकिन Income Tax से बचने के लिए अच्छे अकाउंटेंट और वकील को Hire कर लेते है ताकि टैक्स चुकाने से पहले ही वे लोग अपना पैसा इन्वेस्ट कर देते है

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RICH DAD POOR DAD Summary In Hindi

Conclusion

इस किताब से बहुत कुछ सीखने को मिलता है , जितना पढ़ते है उतना ज्ञान मिलता जाता है।  मैंने तो इस किताब (Rich Dad Poor Dad ) के कुछ गिने चुने महत्वपूर्ण पहलुओं को बताया है।  आप सभी को यह किताब पढ़नी चाहिए।

और मैंने आपको इस किताब रिच डैड पुअर डैड की free pdf का डाउनलोड लिंक ऊपर दे दिया है |


 

दोस्तों मुझे आशा है की आपको ये ” Rich Dad Poor Dad Summary In Hindi”  जिसको लिखा है “Robert Kiyosaki ” ने।  इसकी summary आप लोगो को बहुत पसंद आई होगी। तो अपनी अच्छी अच्छी प्रतिक्रिया निचे कमेंट बॉक्स में जरूर दे। कैसा लगा आपको जरूर बताये।  कोई  सुझाव हो तो जरूर बताये।

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Note:- I Wrote This Story ( Rich Dad Poor Dad Summary) in Hindi Language and It is Based on My Internet Research, Hence this story is not my own Creation so If you found any grammatical error please let me know so that I can correct it.

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