जादुई कलम – A Motivational Story 

 हैल्लो दोस्तों,

आज मैं ले के आया हूँ एक प्रेरणादायक कहानी (MOTIVATIONAL STORY) जो काफी रौचक है और अंत मैं एक शिक्षा दी गयी है तो पूरा आर्टिकल ध्यान से पढ़े , आपको जरूर पसंद आएगा। तो चलिए शुरू करते है।
एक बार की बात है चंदनपुर नाम के एक गांव में शामू नाम का एक लड़का रहता था। वह बहुत ही मासूम और स्वाभाव में बहुत ही अच्छा था।
बचपन में ही उसकी माँ उसे छोड़कर चली जाती है। शामू उसके पिता और उसकी सौतेली माँ  व सौतेले भाई के साथ रहता था।
शामू के पिता उसको बहुत ही लाड़ प्यार करते थे। पर उनको व्यापार के सिलसिले में बाहर जाना होता था।
शामू की सौतेली माँ उसके साथ बहुत ही बुरा व्यवहार करती थी। कंही बार उसे मारती थी पीटती थी और खाना खाने को नहीं देती थी। लेकिन वह सौतेली माँ अपने बेटे रामु को बहुत ही लाड़ प्यार करती थी।इसे भी पढ़े :-

एक बार ऐसे ही शामू के पिता को व्यापार के सिलसिले में बाहर जाना पड़ा और घर में शामू , रामु  और उसकी सौतेली माँ ही थी।

सवेरे का समय था , रामु की माँ रामु के लिए नाश्ता बना रही थी जिसकी सुगंध चारो और फ़ैल गई तो इससे शामू को भी भूक लगने लगती है।
शामू अपनी सौतेली माँ से नाश्ता मांगता है। पर माँ उसे डाट कर भगा देती है, कहती है की जा भाग यहाँ से , तुझे कोई नाश्ता नहीं मिलेगा
शामू घर के बाहर आ गया और जोर जोर से रोने लगा और रोते रोते एक मंदिर जा पंहुचा। उस मंदिर पर एक पागल भिखारी था जो शामू को रोते हुए देख लेता है। वह शामू के पास जाकर पूछता है की  बच्चे तुम्हारा नाम क्या है और तुम क्यों रो रहे हो।Read Also:- 

यह सुन कर शामू रोते हुए कहता है की मेरा नाम शामू है और मुझे भूक लगी है , माँ मुझे खाना खाने को नहीं देती है।

इस तरीके से वह अपनी सारी आपबीती  बया कर देता है। यह सुन कर भिकारी कुछ सोचने लगा और सोचने के बाद अपने एक गंदे से बैग में हाथ डाल कर कुछ ढूंढने लगा।  उस गंदे बैग में से एक कलम निकालता है और उस कलम को शामू को दे देता है।
तब शामू कहता है की मैं इस कलम का क्या करूँगा , मुझे तो भोजन चाहिए।”
यह सुन कर वह पागल भिकारी बोला की यह कोई साधारण कलम नहीं है।  यह एक जादुई कलम है , इसका प्रयोग तुम कर सकते हो।  इस कलम से अगर तुम कुछ भी बनाओगे तो वो सच हो जाएगा।

यह सुन कर शामू के चेहरे पर प्रसन्नता की लकीरे आ गई। शामू ने कहा की क्या इससे खाना भी बना सकते है।तब वह पागल भिखारी  कहता है की हां इस कलम से तुम अपने लिए खाना भी बना सकते हो, पर याद रखना इस कलम का उपयोग करते समय मन पवित्र  रहना चाहिए।

शामू कलम को पाकर बड़ा प्रसन्न हुआ और कलम को लेकर सीधे अपने घर के कमरे में जा पंहुचा , कमरे का दरवाज़ा बंद करके  शामू ने सबसे पहले अपने लिए ताजा ताजा पकवान बनाये,

फिर क्या था. देखते ही देखते उसके सामने बहुत सारे स्वादिष्ट व्यंजन आ गए। पेट भर भोजन करने के बाद शामू बड़ा  प्रसन्न हुआ।

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आगे भी ऐसा ही चलता रहा , लेकिन एक दिन वह हमेशा की तरह अपने लिए स्वादिष्ट व्यंजन बना रहा था लेकिन यह सब उसकी सौतेली माँ देख लेती है।  सौतेली माँ को बहुत आश्चर्य होता है की क्या कोई ऐसी कलम होती भी है।

अच्छा सा समय देखकर सौतेली माँ उस कलम को चोरी कर लेती है और अपने कमरे में जा कर वो भी व्यंजन बनाने लगाती है।

लेकिन जैसा की उस पागल भिखारी ने कहा था की इस जादुई कलम को उपयोग करने वाले का मन पवित्र होना चाहिए तभी यह जादुई कलम अपना प्रभाव दिखती है। और आप सब तो जानते है की सौतेली माँ का मन बहुत ही कड़वा था.

फिर क्या था व्यंजन तो सामने आये नहीं और उसकी जगह कीड़े मकोड़े निकल आये। जो सौतेली माँ को ही काटते है। और अंततः उसे अपनी करनी का बोध होता है।

 

शिक्षा

कभी किसी के साथ दुर्व्यवहार ना करे , दुसरो के साथ भी वैसा ही व्यवहार करे जैसा आप अपने लिए चाहते है।  लालच ना करे क्योकि लालच में किया गया कोई भी कार्य दुखदायी होता है अतः लालच बुरी बला है। 

 

तो दोस्तों केसी लगी ये पोस्ट निचे कमेंट करके बताये और अपने दोस्तों  के साथ इस कहानी को जरूर शेयर करे क्योकि ज्ञान बाटने से बढ़ता है। और हमे फोलो जरूर करे ताकि आप हमारी पोस्ट को मिस ना करे।


धन्यवाद  

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Note :- This post is in HINDI Language. I researched a lot to write this post and if you find any Grammatical Mistake then please Keep Calm and Keep Support.