सफलता की कहानी (विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा )

तुषार ऋषि और शालिनी ये दो ऐसे नाम है जिन्होंने बहुत ही प्रतिकूल परिस्थिति के बावजूद अपने आप को सिद्ध किया |

जहाँ शालिनी ने दुसरो के घर पर बर्तन मांज कर और झाड़ू पोछा करके अपनी पढ़ाई जारी की और 12th बोर्ड में 85% अंक पाए वंही तुषार ऋषि जिन्होंने कैंसर को मात दे कर अपनी पढ़ाई जारी रखी और 12th बोर्ड में 95 % अंक हांसिल कर के अपने आप को साबित किया 


                  शालिनी (Maid to Topper)

MOTIVATION FOR STUDENTS

यह कहानी है 17 साल की शालिनी की जो दुसरो के घर पर जाकर रंगोली बनती है, बर्तन साफ करती है, झाड़ू पोछा करती है और फ्लोर साफ़ करती है , यहाँ तक की टॉयलेट भी साफ़ करती है।  

इसके बावजूद शालिनी ने अपनी पढ़ाई में किसी भी तरीके की कोई कमी नहीं की |

शालिनी को दुसरो के घर पर काम करना पड़ता है क्योकि पिछले 1  दशक से इनके पिता एक एक्सीडेंट के कारण बिस्तर पर लेते हुए है और चलने फिरने में लाचार है। 

परिवार का भरण पौषण उनकी माता करती है जो घर घर जा कर बर्तन साफ़ करती है लेकिन तभी उनके छोटे भाई को ब्लड कैंसर हो जाता है और माँ का पूरा ध्यान भाई की देख रेख में चला जाता है।

तो घर को चलाने की पूरी जिम्मेदारी शालिनी पर आ जाती है।

 

READ ALSO :-

वह रोज सवेरे 4:30 बजे उठती थी और अपने घर का काम पूरा करने के बाद 5 और घर में जाती और वहा सवेरे रंगोली बनाने का काम करती थी और साथ में उसी घर के बर्तन भी साफ़ कर देती थी।

फिर 9 बजे तक अपने घर पहुंच जाती और 3-4 घंटे अपनी पढाई में लग जाती थी। बोर्ड एग्जाम की तैयारी के साथ साथ उसने CET (Common Entrance Test For Engineering) की भी तैयारी की।

 

शाम को फिर से दुसरो के घर जाती , वहां का काम करती  और देर शाम अपने घर पहुंच कर देर रात तक पढ़ती। इससे शालिनी को कुछ आमदनी हो जाती थी और घर का खर्च भी चल जाता था। 

यही शालिनी का Daily Busy Schedule था जिसे वह बिना किसी शिकायत के हर रोज पूरा करती। इस तरीके से उसने अपनी Family को भी Support किया और अपनी पढाई भी जारी रखी। और अगर यह सारी  जिम्मेदार उसके कंधो पर न होती तो शायद वह इससे भी अच्छा करती।


 तुषार ऋषि (Beat Cancer to Become Topper)

 

MOTIVATION FOR STUDENTS
TOPPER SUCCESS STORY IN HINDI

दूसरी Real Life Story है रांची का रहने वाला 19 का लड़का तुषार ऋषि जो पढ़ाई में काफी अव्वल है.

बात है 2014 की जब तुषार 10th क्लास में थे तो उनको बाए घुटने (LEFT KNEE) में दर्द उठा और चेकअप के बाद बोन कैंसर का पता चला और तुषार 10th क्लास की एग्जाम नहीं दे पाए। 
फिर 2014 – 2015 तक लगभग 11 महीने तक  कीमोथेरेपी हुई जिसका दर्द काफी असहनीय था। जब वे इस बीमारी से थोड़ा उभरे तो फिर से  2015 में 10th Class की परीक्षा में शामिल हुए और परिणाम रहा 10 CGPA

READ ALSO:-

उसके बाद हर 3-4 महीने में चेकअप के लिए AIIMS (ALL INDIA INSTITUTE OF MEDICAL SCIENCE) में जाना पड़ता था लेकिन इन सभी बाधाओं के बावजूत उन्होंने अपनी पढ़ाई में कोई कमी नहीं रखी , उन्होंने अपने अध्ययन को नियमित रखा। 

तुषार ने अपनी पढाई Self  ही की यानि कोई Coaching या Tution Class Join नहीं की और इस का परिणाम ये रहा की तुषार के CBSE Class 12th बोर्ड में 95% अंक पाए |

English में 95 , Physics में 95 , Maths में 93 , Computer में 89 और Arts में 100 Marks आए जो काफी ज्यादा सराहनीय है।

 

इसके आलावा उन्होंने अपनी लाइफ पर एक किताब भी लिखी है जिसका शीर्षक है  ” THE PATIENT PATIENT by TUSHAR RISHI ” जिसमे उन्होंने अपनी लाइफ के बारे में बताया है की कैसे कैंसर के कारण उनकी लाइफ में उतार -चढ़ाव आये है |

READ ALSO :

 

अभी भी उन्हें एक Strict Diet को फॉलो करना पड़ता है। नियमित चेकअप करवाना पड़ता है। लेकिन इन सब के बावजूत वे अपनी पढाई में कोई कमी नहीं रखते है।  अपनी पढाई नियमित करते है।


शिक्षा

तो दोस्तों इस आर्टिकल “Topper Success Story: Motivation For Students” से हमें ये प्रेरणा मिलती है की परिस्थिति केसी भी हो हार ना मानने  वाला ही जीतता है।  ये पोस्ट खास कर उन विद्यार्थियों के लिए है जो पढाई नहीं करते या जिनका पढाई में मन नहीं लगता है। 

मैं उन विधार्थियो से ये पूछना चाहता हूँ की क्या आपके साथ भी ऐसी कोई दुविधा है, अगर नहीं तो क्यों आप पढाई लिखाई से कतराते है। 

आप सभी को इस आर्टिकल में बताई गई शालिनी और तुषार से प्रेरणा लेनी चाहिए जिन्होंने बहुत ही प्रतिकूल परिस्थिति में भी अपना साहस नहीं खोया और अपनी पढाई में लगे रहे। और इस बात में कोई शक नहीं होगा की वे एक  दिन काफी अच्छे पद पर आसीन होंगे।


 Ye Jarur Padhe:

NOTE :- “This Article is in HINDI language and based on my internet research. I write this article for Motivation and Inspirational purpose Only. I tried my best to write this Article but If you find any grammatical mistake so please Keep calm and keep support “

तो दोस्तों केसी लगी ये पोस्ट, अगर अच्छी लगी हो या कोई सुझाव हो तो निचे कमेंट जरूर करे और में आगे भी ऐसी ही प्रेरणादायक आर्टिकल या पोस्ट लता रहूँगा अगर आप हमसे जुड़ना चाहते है तो हमें फॉलो कीजिए  ताकि कोई भी आर्टिकल आप मिस न करे। 

चलिए तो मिलते है फिरसे एक नई पोस्ट में तब तक के लिए आप का दिन शुभ रहे। 

धन्यवाद।